
छिंदवाड़ा। शहर की पेयजल समस्याओं को लेकर शहर कांग्रेस और पार्षदों ने बुधवार को नारेबाजी करते हुए मटका फोड़ आंदोलन किया। इस दौरान पार्षदों ने नगर निगम परिषद के सामने मटके फोड़े और आयुक्त का घेराव किया। उन्होंने कहा कि शहर के नलों में पानी मुश्किल से मिल पा रहा है। लोग पानी के लिए परेशान हो गए हैं। पार्षदों ने तीन दिन के अंदर पेयजल समस्याओं के निराकरण की मांग की।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष एवं नगर निगम अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनू मागो ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शहर वासियों को पेयजल समस्या का सामना नहीं करना पड़ता था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ और नकुल नाथ ने माचा गोरा पेयजल आवर्धन योजना की सौगात दी। नगर निगम की भाजपा ट्रिपल इंजन की सरकार की अव्यवस्था इस कदर है कि पेयजल का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। लोग पानी को तरस रहे है। दो दिन में पानी मिल पा रहा है। दूषित और गंदा पानी की शिकायतों का कोई निदान नगर निगम नहीं कर पा रही है। उन्होंने
महापौर विक्रम अहके पर निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया।
कांग्रेस के मटका फोड़ आंदोलन के बीच नगर निगम आयुक्त सीपी राय ने पहुंचकर कांग्रेस पार्षदों से बात और ज्ञापन भी लिया। इस दौरान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने आयुक्त से कहा कि यदि उनके बंगले का नल बंद कर दिया जाए तो वह कैसा महसूस करेंगे। इससे आम जनता की पेयजल समस्या को समझाया जा सकता है। कांग्रेस के पांढुर्णा प्रभारी गंगा प्रसाद तिवारी में भी तीखे अंदाज में कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
आंदोलन के दौरान नगर निगम आयुक्त सीपी राय ने आश्वासन दिया कि वह एक सप्ताह के भीतर पेयजल समस्या का निराकरण कर देंगे। इस पर उन्होंने काम भी शुरू कर दिया है।











